Ganesh Chalisa
Wednesday, June 24, 2026
॥ श्री गणेश चालीसा ॥
दोहा
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥
चौपाई
जय गणेश गिरिजा सुवन।
मंगल मूल सदा सुख करण॥
विघ्न हरण मंगल मूरति।
जय जय सुरवर वन्दित पूजित॥
जय गजानन सदगुण सदन।
कविवर बदन कृपा निधान॥
मूषक वाहन माला सुहावे।
सुर-नर-मुनि जन अरति गावे॥
अंधकासुर संहारा तुम।
कटि-रथ बान लगा कियो भय नाश॥
मोदक प्रिय छवि अति सुहावन।
सत्यनारायण संग विराजन॥
चार भुजा छवि सुन्दर मनोहर।
गंगा संग सुशोभित शंकर॥
लम्बोदर पिताम्बरधारी।
संत-जन के संकट भारी॥
बाल चन्द्र मुकुट सिर सोहा।
विघ्न विनाशक शुभ-फल मोहा॥
कृपा सिन्धु तुम कृपा निधाना।
श्रीगणपति पूरन बिधि वाना॥
देव दानव ऋषि मुनि गावे।
जय गणेश जयति अति भावे॥
कर्पूर माला संग सुहावे।
विघ्न हरन सुख-फल दाता॥
मनोकामना पूरी जो गावे।
श्री गणेश चालीसा पावै॥
संकट मिटे सुख शांति बढ़ावे।
सकल कष्ट हर दूर भगावे॥
अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
विघ्न विनाशन शुभ-फल गाता॥
विनती करौं दीन के दाता।
कृपा सिन्धु सब संकट हरण॥
जय गणपति विनायक धाम।
जय गजानन सुख के दाम॥
दोहा
जो कोई गणेश चालीसा, पढ़े सच्चे मन लाय।
सकल विघ्न हरकर प्रभु, सब सुख संपत्ति देय॥